satyam shivam sunderam
Wednesday, 21 January 2015
Monday, 2 July 2012
जीवनाशी असें नाते जोडावे ,कि, त्याची गाठ मरणा नंतर ही कायम रहावी
Thursday, 31 May 2012
VAADE
KITNE ZOOTHE THE WOH VAADE
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hum
humne khud ko kho diya aapko pa kar
Friday, 30 March 2012
ghata
इन फिजाओ में ,इन हवाओं में बैठे खुली हवाओं मे,न गम है घटाओं का ,न डर है कड़कती बिज्लिओंका ,अपने आप में गूम है ,फूलों के खिल्नेसे ज़माने से बेखबर है ,लेकिन ये फुल कभी न कभी मुरज़ाने है ..............
kya naam de?
DULHAN
कीतनी आशाएं ,कीतनी उम्मीदे ,कीतने सपने संजो लाता है ये एक पल .ज़िन्दगी का फलसफा बन जाता है ये एक पल .पागल है दील बेचारा जींदगी के फ़साने को नहीं जानता.
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