intezar

- प्यार में इंतज़ार की कोई हद नहीं होती ,
- येही प्यार की हद होती है |
- प्यार में ,कीसी शोहरत की चाह नहीं होती ,
- येही प्यार की आह होती है इस आह में कराह्मेभी एक अलग ही मीठासहोती है | जो इस मीठास को जाने वो ही प्यार के काबील है , वरना प्यार करना उसका बे फीजूल है | वीजय रेणुके
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