satyam shivam sunderam
Tuesday, 10 January 2012
SANGEET
जीवन एक संगीत है ,हर सुर ,हर ताल ,हर साज का अपना ही अंदाज़ है |अंदाज़ -ए- बयां अब इस ज़िन्दगी का क्या करे हर सुर ,हर ताल खामोश है |कोई तो आये ,इस वीरान महफिल को सजाने के लीए एक ग़ज़ल ले कर ,अगर ग़ज़ल नहीं तो कोई एक ,बस एक शेर ही लेकर ........................ -वीजय रेणुके
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