satyam shivam sunderam
Sunday, 15 January 2012
SUNISUNI
बन गयी है सारी दुनीया सुनी सुनी |बन गया है सारा खून पानी पानी | लबों पर ख़ुशी है मगर आँखों मे पानी |भटक रहे है इस सूनी सूनी दुनीया में ,कोई मुक्कम्मल जहाँ पाने के लीए| सभी कहते है की , कभी कीसीको मुक्कम्मल जहाँ नहीं मीलता -मगर ये पागल दीलहै की ये सीधी बात भी नहीं मानता ............. वीजय रेणुके
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